PM Modi ने गाजा-यूक्रेन संकट पर की चर्चा, जर्मनी के साथ व्यापार बढ़ाने का संकेत

12 जनवरी 2026 को गुजरात के गांधीनगर में PM Modi और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी के बीच गहरे और स्थिर संबंधों पर चर्चा की। PM Modi ने कहा कि भारत और जर्मनी करीबी सहयोगी हैं, जिसके प्रमाण के तौर पर भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं। यह संख्या जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है। दोनों नेताओं ने शिक्षा, तकनीकी सहयोग, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा
PM Modi ने इस अवसर पर जर्मनी के विश्वविद्यालयों को भारत आने का विशेष निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बनाए गए रोडमैप से दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, भारत और जर्मनी के बीच हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की आवाजाही भी बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बल मिलेगा। मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया और गाजा तथा यूक्रेन संकट पर हुई बातचीत को साझा किया। इस पहल से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

तकनीकी और आर्थिक सहयोग मजबूत होता जा रहा है
PM Modi ने भारत और जर्मनी के तकनीकी सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर कई नई परियोजनाएं चला रहे हैं और हर साल तकनीकी सहयोग को और मजबूत बना रहे हैं। भारत में कार्यरत 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां इस सहयोग का जीता-जागता उदाहरण हैं। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आर्थिक क्षेत्र में भी गहरा विश्वास कायम हो रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी भारत और जर्मनी के बीच विश्वास, पारस्परिक सम्मान और विकास की कहानी है।
75 साल पुराने राजनयिक संबंध और नई ऊर्जा
PM Modi ने बताया कि भारत-जर्मनी के राजनयिक संबंध 75 वर्षों से अधिक पुराने हैं और पिछले साल दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए। चांसलर मर्ज की यात्रा इस खास मौके पर हुई है, जो दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती देने का प्रतीक है। मोदी ने रक्षा व्यापार से जुड़े प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। बढ़ते व्यापार और निवेश ने इस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा दी है। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत हमेशा समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और इसी सोच के साथ दोनों देशों का सहयोग भविष्य में और भी गहरा होगा।